चित्रा पटेल : जशपुर : जसपुर जिला के एंबुलेंस खराब स्थिति में है, मरम्मद करने की आवश्यकता है, मरीजो के जान से सीधा सीधा खिलवाड़ है। सरकार द्वारा मरीजों को तत्काल सुविधा के लिए एंबुलेंस सेवा जी गई है। एंबुलेंस मरम्मद को लेकर विवाद शुरू हो गया।विधायक निधि द्वारा कुनकुरी विधानसभा में दिए गए 3 एम्बुलेंस को लेकर एक महीने ही विवाद उठे थे और अब खनिज न्यास निधि से जिले के अस्पतालों में कंडम पड़े एम्बुलेंस को मरम्मत किये जाने वाले मामले को लेकर नया विवाद शुरू हो गय है।
कहा जा रहा है कि अस्पतालों में पड़े बेजान एम्बुलेंसों में जान फूंकने की तैयारी चल रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कहा जा रहा है कि एम्बुलेंस मरम्मत के नाम पर कमाई का जरिया तलाशने की कोशिश की जा रही है ।
सोशल मीडिया में भाजपा आईटी सेल द्वारा कंडम एम्बुलेंस को लेकर कई बार सवाल उठाए जा चुके है।
इस बार भाजपा नेता नितिन राय ने जशपुर के गम्हरिया के एक गैरेज में मरम्मत के लिए खड़ी एम्बुलेंसों का फ़ोटो जारी किया है और बताया है कि एम्बुलेंस लोगो की जान बचाने वाला सबसे जरूरी उपक्रम है लेकीन इसको लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि बिल्कुल गम्भीर नहीं दिख रहे हैं। कम्पनी में मरम्मत कराए जाने के बजाय इन एम्बुलेंसों को लोकल गैरेज में बनवाया जा रहा है वो भी अभी तक एम्बुलेंस बनकर कम्पलीट नहीं हो पाए है ।कुछ एम्बुलेंस ही मरम्मत हो पाए हैं जबकि 10 एम्बुलेंस मरम्मत होने थे ।

नितिन राय का कहना है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार और जशपुर जिले के कांग्रेस के जन प्रतिनिधि आपदा में भी अवसर तलाश रहे हैं! एक एंबुलेंस बनाने में 20 से 50000 तक के खर्च आ रही है और यह एंबुलेंस को संजीवनी कंपनी में सड़क पर चलने लायक नहीं माना है !