छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ 26 मई को किसान काला दिवस के रूप में मनाएंगे किसान

Chhattisgarh

रायपुर : देश भर के किसानों की प्रमुख मांग उसके अनाज को एमएसपी में खरीदी की कानूनी गारंटी देने तथा तीनों काले कानून रद्द करने की मांग पर दिल्ली बॉर्डर पर किसान 6 माह से धरना पर है किसान विरोधी केंद्र सरकार किसानों के विनाश पर तुली हुई है सरकार की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है।

इसके पश्चात डीएपी में 58% मूल्य वृद्धि कर खाद निर्माता कंपनियों को सब्सिडी देने का अर्थ है किसानों को उसके हाल में छोड़ कर कंपनियों को मालामाल करना क्योंकि यही कंपनियों के द्वारा चुनाव फंडिंग किया जाता है पीछे के दरवाजे पार्टियों को , किसान यह सौदेबाजी कमीशन खोरी का सारा खेल समझता है।
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ केंद्र सरकार के इस निर्णय का घोर निंदा करते हुए सब्सिडी सीधे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत खोले गए खातों एवं सहकारी सोसायटी के खातों में प्रति एकड़ प्रति फसल ₹3000 दिए जाने की मांग करते हैं जिससे कि किसान अपनी इच्छा के अनुसार चाहे तो रासायनिक खाद डालें चाहे तो उस राशि से पारंपरिक प्राकृतिक एवं गोबर खाद का प्रयोग कर रासायनिक खेती से मुक्त होकर जमीन एवं उत्पादन की गुणवत्ता सुधार सकें।

जिस भी सरकार को जितना अवसर मिल रहा है किसानों का शोषण किया जा रहा है चाहे वह केंद्र की मोदी सरकार हो या राज्य की भूपेश बघेल की सरकार जहां छत्तीसगढ़ राज्य में लॉक डाउन की परिस्थिति में आर्थिक तंगी झेल रहे किसानों को पूर्व मे मिलने वाले राजीव गांधी किसान योजना की राशि में प्रति एकड़ 1000 कटौती, किसानों के साथ अन्याय हैं इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

26 मई को केंद्र सरकार के किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किसान काला दिवस के रूप में मनाएंगे,सभी किसान संगठन लॉकडाउन के चलते हैं अपने गांव घर में ही अपने वाहन तथा घरों के सामने काले झंडे लगाकर केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे तथा कई जगह मोदी के पुतले दहन किए जाएंगे।
पारसनाथ साहू राजाराम त्रिपाठी जनक लाल ठाकुर तेजराम विद्रोही द्वारका साहू जागेश्वर चंद्राकर रूपलाल चंद्राकर गजेंद्र सिंह कोसले बालक राम पटेल राजू शर्मा बल्लू योगेश चंद्राकर गोविंद चंद्राकर शत्रुघ्न साहू आदि ने छत्तीसगढ़ में आंदोलनरत किसानों द्वारा स्थानीय रूप से ज्यादा से ज्यादा प्रदर्शन करने की अपील किया है।

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