किसान सम्मान निधि की आठवीं क़िश्त से छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसानों को 520 करोड़ रुपए का लाभ हुआ : भाजपा

Chhattisgarh

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसान सम्मान निधि की आठवीं क़िश्त जारी करते हुए देश के साढ़े नौ करोड़ किसानों के खाता में 19 हजार करोड़ रुपये में छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसानों को 520 करोड़ रुपए लाभ हुआ है।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी श्री शर्मा ने कहा कि इन दिनों राज्य के कृषि मंत्री और कांग्रेस के अन्य नेता खाद के दाम को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाने का कार्य कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि राज्य में अनुमानित आवश्यकता का 50 फ़ीसदी खाद का भण्डारण पुराने दर पर हो चुका है। डीएपी को छोड़ कर यूरिया, राखड़ के भाव में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, ये पूर्ववत 267 रुपए और 375 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से मिलेंगे। पोटाश के दाम में सन 2014 के भाव 945 रु. प्रति बोरी में 6 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी की गई है। जहां तक डीएपी का सवाल है तो राज्य के किसानों को आधा डीएपी तो पुराने रेट पर मिल जाएगा और अनुमानित आधा डीएपी केवल बढ़े दाम पर खरीदना होगा। जिस बढ़े दाम के कारण 180 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा उसे प्रदेश के कृषि मंत्री रवींद्र चौबे बढ़ा-चढ़ा कर 1000 करोड़ बता रहे हैं, जो निंदनीय है।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी शर्मा ने कहा कि अभी डीएपी खाद की ख़रीद से राज्य के किसानों को जो 180 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा, उसकी भरपाई किसान सम्मान निधि की आठवीं क़िश्त से प्राप्त 520 करोड़ के एक हिस्से से ही हो जाएगी। साथ ही चालू कृषि सत्र में किसान सम्मान निधि की दो क़िश्तें ( 520-520 करोड़ रुपये) और प्राप्त होंगीं अर्थात कुल 1560 करोड़ रुपये किसानों को सिर्फ सम्मान निधि से ही प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त जून महीने में खरीफ़ फसलों के नए समर्थन मूल्य की घोषणा भी होगी, जिससे किसानों को धान में अनुमानित 720 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होंगे। इस प्रकार देखा जाए तो केंद्र सरकार के किसान हितैषी निर्णय के चलते आगामी खरीफ़ सत्र में राज्य के किसानों को 2280 करोड़ रुपये का सीधा लाभ होगा। श्री शर्मा ने कहा कि नींदानाशक दवाई नॉमिनोगोल्ड के दाम में भी सन 2014 की तुलना में भारी कमी हुई है, उसका भी सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी श्री शर्मा ने केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के कथित धरना को नौटंकी बताते हुए फ्लॉप शो करार दिया है।

शर्मा ने कहा कि केंद्र की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल (2005 से 2014) में कभी भी डीएपी खाद के दाम धान के समर्थन मूल्य से कम नहीं रहे हैं। परंतु जबसे भाजपा की सरकार केंद्र में आई है धान का समर्थन मूल्य पिछले सात सालों से डीएपी के प्रति बोरी मूल्य से अधिक है, और तो और, अभी दाम बढ़ने के बाद भी डीएपी के दाम धान के समर्थन मूल्य 1888 रु से कम ही है जबकि धान का समर्थन मूल्य जून में और बढ़ना अपेक्षित है।

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