सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटना में 17 मरीजो का सफलतापूर्वक हुआ लेंस प्रत्यारोपण मोतियाबिंद के मरीजो को मिल रहा : बैकुंठपुर

Chhattisgarh

बैकुंठपुर (कोरिया)20 जनवरी: राष्ट्रीय दृष्टिहीनता और दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटना में मोतियाबिंद का ऑपरेशन शुरु हो गया है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए मरीजों का ऑपरेशन किया गया है। साथ ही आपरेशन से पूर्व मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का कोरोना एंटीजन टेस्ट भी कराया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटना में पंजीकृत 35 रोगियो में से 17 रोगियो का ऑपरेशन डां आर एस सेंगर के नेतृत्व और सीएमएचओ के मार्गदर्शन में नेत्र सहायक अधिकारी आर.पी गौतम, नगेन्द्र पटेल,विरेन्द्र साहू, पुष्पेन्द्र पटेल के सहयोग से संपन्न हुआ। मोतियाबिंद के उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पटना में आपरेशन कक्ष की स्थापना के बाद से इस क्षेत्र के मोतियाविंद के मरीजो को यह सुविधाऐ मिलने लगी है।
जिला अंधत्व नियंत्रण समिति, बैकुंठपुर के नोडल डां आर एस सेंगर,ने बताया “इस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 17 हितग्राहियों का आपरेशन कर लेंस प्रत्यारोपण किया गया है निशुल्क पंजीयन करा चुके हितग्राहियों को डॉ. खूबचंद्र बघेल स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल रहा है। ऑपरेशन के बाद मरीजों का रहने खाने एवं दवाई का खर्च डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत निशुल्क किया जा रहा है। मरीजों को सिर्फ अपने साथ राशन कार्ड व आधार कार्ड लाना आवश्यक है।“
जानकारी देते हुए सीएमएचओ डां. रामेश्वर शर्मा ने बताया,” सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटना में सुविधाजनक ओटी खुलने के बाद से वहां निर्धारित समयावधि में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए आपरेशन किये जा रहे है। मरीजों को डॉ. खूबचंद्र बघेल स्वास्थ्य योजना से फ्री इलाज की सुविधा मिल रही है। इस योजना के तहत अंत्योदय राशन कार्ड धारको को 5 लाख रूपये तक का फ्री कैशलेस उपचार की व्यवस्था की गयी है। इसके साथ ही अन्य राशन कार्ड धारको को प्रति वर्ष 50,000 रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जायेगा।“
मोतियाबिद का आपरेशन कराने के बाद ग्राम चोपन निवासी बलदेव सिंह ने बताया,” सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटना में मोतियाबिंद का उपचार निशुल्क हुआ है। पंजीयन कराने के बाद उसे सूचना मिली जिसके आधार पर वह निर्धारित समयावधि पर केन्द्र में पहुंच गया और उसका सफल उपचार राशन कार्ड से हो गया।“
गिरजापुर की दशमत ने बताया, “मोतियाविंद के आंपरेशन के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटना में निशुल्क पंजीयन कराने के बाद वह अपनी बारी का इंतजार कर रहा थी ।सूचना मिलते ही वह निर्धारित तिथि को आपरेशन कराने पहुंची थी। सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज मिलने से दोबारा अपनी आंखों से साफ साफ दिखाई देने लगेगा। राशन कार्ड से बिना भटके ऑपरेशन की निशुल्क सुविधा मिलने से मैं बहुत खुश हूँ” ।
जाने क्या मोतियाबिंद
मोतियाबिंद विश्व भर में ष्टिहीनता का प्रमुख कारण है। 60 से अधिक आयु वालों में 40 प्रतिशत लोगों में मोतियाबिंद विकसित होता है। शल्य क्रिया ही इसका एकमात्र इलाज है, जो सुरक्षित एवं आसान प्रक्रिया है। आंखों के लेंस आँख से विभिन्न दूरियों की वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। समय के साथ लेंस अपनी पारदर्शिता खो देता है लेंस के धुंधलेपन को मोतियाबिंद कहा जाता है।
रहे सतर्क
प्रति दिन सुबह उठकर व रात को सोते समय आंख व आंख के चारो ओर की त्वचा को साफ पानी से धोएं। आंखों और चेहरे को साफ करने के लिए साफ और अपना अलग तौलिया इस्तेमाल करें। धूप और बहुत तेज रोशनी से आंखों को बचाए। मोतियाबिंद से पीड़ित व्यक्ति को सही समय पर आपरेशन कराने से ठीक किया जा सकता है। अत्यधिक मोबाइल का उपयोग तथा तीव्र प्रकाश एवं असुरक्षित बल्ब के कारण आंखो में दर्द, चुभन, लाल होना, आंसू, दृष्टि में धुधलापल और सूजन की समस्या होती है, अतः सावधानी बरतें।

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