पुलिस के वाहवाही वाले आंकड़े कांग्रेस पार्टी के उस घोषणा पत्र से कम नहीं हैं जिसमें लिखा था “अब होगा न्याय

Chhattisgarh

रायपुर। पूर्व मंत्री व भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने राजधानी पुलिस द्वारा जारी आपराधिक आकड़ो को कांग्रेस सरकार के रंग में रंगा और कांग्रेस सरकार की ही तरह सरकार के दबाव में वाहवाही लूटने वाले करार दिया हैं। श्री मूणत ने कहा कि प्रदेश सरकार की लापरवाही और पुलिस विभाग में तबादला उद्योग के चलते छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया हैं और राजधानी रायपुर अपराध की राजधानी ऐसे में सरकार के दबाव में काम कर रहे कानून के रखवालों के हाथ आंकड़े जारी करते वक्त कहीं ना कहीं बंधे मालूम पड़ते हैं।

पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने कहा कि अपराध की राजधानी बन चुकी रायपुर की ही यदि हम बात कर ले तो हत्या, लुट, चोरी, बलात्कार, छेड़खानी,नशा, ड्रग्स तस्करी, गंजा तस्करी, शराब तस्करी, प्रतिबंधित दवा तस्करी, शराब का अवैध कारोबार, जुआ-सट्टा, फिरौती जैसे अपराध कांग्रेस की सरकार आने के बाद आम हो चुके हैं। कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी हैं। राजधानी में लॉकडाउन के दरमियान दूसरे जिले के लोग गोली चला देते हैं, पार्टी करते हैं, राजधानी पुलिस और मुख्यमंत्री बघेल व ग्रहमंत्री के गृह जिले की पुलिस की पेट्रोलिंग बेरिकेटिंग एवं चौकसी की पोल खोलते हैं ऐसे में जब राजधानी पुलिस वाहवाही वाले आंकड़े जारी करे तो समझा जा सकता हैं कि छत्तीसगढ़ में कानून के हाथ सत्ताधारी दल के हाथों बंध चुके हैं।

पूर्व मंत्री व भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गृहमंत्री की मौजूदगी में सत्ताधारी दल के विधायक गृह विभाग को आईना दिखाते हैं और पुलिस द्वारा रेट लिस्ट जारी करने की बात करते हैं। जिस गृह विभाग को रेट लिस्ट जारी करने की बात करते हुए सत्तापक्ष के विधायक द्वारा आईना दिखाया गया हो उस विभाग द्वारा जारी आंकड़ों की सच्चाई पर कांग्रेस सरकार के कुशासन की काली छाया का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता हैं। श्री मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कांग्रेस के विधायकों को कांग्रेस के ही कार्यकर्ता पिट रहे हैं, विधायक का कॉलर पकड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी दल के विधायक ही सुरक्षित नहीं हैं ऐसे में आम जनता अपने आपको कैसे सुरक्षित महसूस करे ऐसे में राजधानी पुलिस के वाहवाही वाले आंकड़े राजधानी के हालात के विपरीत आंकड़े कांग्रेस पार्टी के उस घोषणा पत्र से कम नहीं हैं जिसमें लिखा था “अब होगा न्याय”। दो वर्ष बीत जाने के बाद अब जनता पूछ रही हैं “कब होगा न्याय?”।

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