चित्रा पटेल :हसौौद: छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिला अंतर्गत जय जयपुर क्षेत्र में भारी गड़बड़ का मामला सामनेे आया। जैजैपुर क्षेत्र में कृषि विभाग द्वारा फर्जीवाड़े करने की 
नाम थमने की नाम नही ले रही है , बल्कि दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है।कृषि विभाग द्वारा किस तरीके से फर्जीवाड़े की जा रही जिसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे।

जैजैपुर ब्लॉक के चिस्दा सेक्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत पेंड्री , देवरीमठ , डोटमा में ग्रामसेवक ने किसानों के साथ मिलकर पहले सत्र 2018 – 19 में बिना शैलोटयूबवेल , नलकूप खनन का राशि आहरण कर लिया फिर फर्जीवाड़े की खबर प्रकाशित होने के बाद कार्रवाई से बचने रातों रात किसानों के खेतों में फिल्टर खनन करवा दिया।कृषि विभाग द्वारा किस तरीके से फर्जीवाड़ा की जाती है ये चिस्दा के ग्रामसेवक आशीष मरावी स्वयं ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को सीखा रहे हैं , और अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय अनजान बनते हुए आंख मूंदकर बैठे हुए हैं।कृषि विभाग द्वारा किसान समृद्धि योजना के तहत शैलोटयूबवेल खनन व पंप के नाम पर सब्सिडी के रूप में 20 हजार रुपए व नलकूप खनन के लिए अनुसूचित जाति वर्ग को 43 हजार , ओबीसी को 33 हजार व जनरल के लिए 25 से 30 हजार की राशि दी जाती है।राशि तब दी जाती है जब किसान अपने खेतों में खनन करने के साथ पंप लगा लेते है। जबकि यहाँ किसानों के खेत मे खनन हुए ही नही और रिकार्ड में पंप चल रहा था।राशि आहरण करने के लिए उस समय ग्राम सेवक ने फ़ोटो खींचने के लिए मात्र 2 फिट का गड्ढा खोदकर पाईप डलवा दिया और उसी के सामने फ़ोटो खींचकर फ़ोटो को जमा कर दिया था ताकि राशि मिल जाये और राशि मिल भी गई थी।साथ ही हरित क्रांति योजना के तहत मिलने वाली सुविधा भी छोटे किसानों को मिलने के बजाय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अपने चहेतों और छुटभैये नेताओं को बांट दिए ।योजना के तहत आए गेंहूं , अरहर , उड़द छोटे किसानों के पास पहुंची ही नही।जब इस फर्जीवाड़े की खबर 18 दिसम्बर के अंक में प्रकाशित की गई तब अधिकारी केवल एक गांव में जाकर जांच की औपचारिकता निभा दी और अभी भी डोटमा सहित कई किसानों का जांच तक नही हुई है।बल्कि जांच में सही दिखाने के लिए खनन करने का मौका दे दिया और पेंड्री के किसान बनवारी और राजू ने फिल्टर का खनन भी कर लिया।
अभी जांच पूरी हुई ही नही है छुट्टी के बाद फिर से जांच के लिए जाएंगे।
एन के भारद्वाज एस डी ओ कृषि विभाग।