चित्रा पटेल : रायपुर : छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के ऊपर आए दिन हमला मारपीट अत्याचार हो रहे हैं इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार अधिनियम बनाने की चुनावी वादा कर घोषणा पत्र में कहा था पत्रकारों को संरक्षण देने के लिए कानून बनाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। पत्रकार इस तरह कब तक अपने ऊपर हमले मारपीट अत्याचार को सहते रहेंगे, और सरकार मुख दर्शक बनकर देखते रहेगी। पत्रकार खबर कवरेज के लिए फील्ड में रहता है तो कई असामाजिक तत्व उसके साथ जानबूझकर बदसलूकी करते हुए उसके मोबाइल व कैमरा आदि को नुकसान पहुंचाते हैं, इसी प्रकार कई पत्रकारों के साथ और गंभीर परिणाम भुगतने के लिए धमकी चमकी भी दिया जाता रहा है, इसी प्रकार पिछले दिनों कई पत्रकारों के साथ मारपीट किया गया कांकेर के एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ था जिससे पत्रकार संघ आंदोलन कर चुकी है और वर्तमान में कवर्धा से एक पत्रकार के भाई के साथ मारपीट दुर्व्यवहार होते एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
छत्तीसगढ़ के पत्रकार कांग्रेस सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए जाने की मांग कर चुके हैं शासन द्वारा आश्वासन दिया जाता है कि कानून बनाने की प्रोसेस जारी है जल्दी ही इस संबंध में अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
पत्रकारों के सुरक्षा के लिए कब बनेगी अधिनियम पत्रकार कब तक मारपीट व बदसलूकी का होते रहेंगे शिकार।