शराब के कारोबार में सबसे बड़ा घोटाला, हिसाब की गड़बड़ियों के सामने आए मामलों की उच्चस्तरीय जाँच हो : उपासने

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने प्रदेश में शराब के कारोबार में राज्य सरकार के संरक्षण में बड़े घोटाले को अंजाम देने का अंदेशा जताया है। आबकारी विभाग की लगभग आधा दर्ज़न शराब दुकानों पर की गई छापामार कार्रवाई के दौरान सामने आई करोड़ों रुपए की हेराफेरी के मद्देनज़र उपासने ने कहा कि भाजपा शुरू से ही शराब के कारोबार में बड़े घोटाले को अंजाम देने की आशंका व्यक्त करती आ रही है और सामने आई हेराफेरी सरकार की नीयत में खोट और भाजपा की आशंका को प्रामाणिक सिद्ध कर रही है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उपासने ने कहा कि भाजपा शुरू से कह रही है कि शराब के कारोबार में लगभग 30 फीसदी शराब गोरखधंधे में खपाई जा रही है और उसका कोई हिसाब भी नहीं है। ज़ाहिर है, गोरखधंधे में खप रही शराब से मिलने वाला राजस्व प्रदेश के ख़जाने में भी नहीं जा रहा है। उपासने ने जानना चाहा कि जब प्रदेश सरकार ख़ुद शराब बेच रही है तो फिर किसकी शह पर यह अवैध कारोबार चल रहा है और उससे मिलने वाला राजस्व किनकी तिजोरियों में पहुँच रहा है? कहीं कांग्रेस की गिरती सरकारों की वज़ह से अवैध वसूली पूरे देश का टारगेट छत्तीसगढ़ सरकार को तो नहीं दे दिया गया है? गंगाजल की कसम खाकर शराब को अब अवैध वसूली का कारोबार बना देने वालों को प्रदेश की जनता कभी माफ़ नहीं करेगी। उपासने ने कहा कि यह हैरत की बात है कि प्रदेश सरकार की शह पर शराब दुकानों में इस तरह गोरखधंधे को अंजाम देकर अपनी तिजोरियाँ भरने का शर्मनाक खेल हो रहा है। कोरोना संक्रमण की अनदेखी करके भी क्या प्रदेश सरकार इसीलिए लॉकडाउन में भी शराब दुकानें खुलवाने को लालायित नज़र आ रही थी?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उपासने ने कहा कि प्रदेश सरकार की शह पर चल रहे गोरखधंधे में अब जाकर यह खुलासा हुआ है कि प्रदेश में पिछले डेढ़ साल से शराब की ओवर रेट बिक्री का यह खेल क्यों और कैसे चल रहा था और बार-बार ध्यान दिलाने के बावज़ूद प्रदेश सरकार की इस मामले में बोलती क्यों बंद थी?  उपासने ने कहा कि दरअसल शराब के अवैध कारोबार से अपनी तिजोरियाँ भरने वालों ने शराब को अपनी अवैध कमाई का जरिया बना रखा है और उसमें करोड़ों रुपए के हिसाब में गड़बड़ी करके मदिराप्रेमियों को ओवर रेट शराब बेची जाकर प्रति बोतल 80 से 100 रुपए तक या कहीं-कहीं इससे भी अधिक की अवैध वसूली की जा रही है। अब तक ओवर रेट शराब बेचकर 1,000 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की जा चुकी है। शराबबंदी के नाम प्रदेश के साथ धोखाधड़ी करने वाली सरकार का तमगा देते हुए श्री उपासने ने कहा कि धोखेबाजों की लिस्ट में इस प्रदेश सरकार का नाम हमेशा सबसे ऊपर लिखा जाएगा। इसे शराब के कारोबार में सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए श्री उपासने ने हिसाब की गड़बड़ियों के सामने आए मामलों की उच्चस्तरीय जाँच की मांग भी की है।

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