चित्रा पटेल : रायपुर : दिनांक 04जनवरी 2020, ग्यारह साल की बच्ची के दिल में छेद जैसे बीमारी का सफल ऑपरेशन कर NHMMI नारायणा हॉस्पिटल ने किया भारत का पहला और विश्व का दूसरा स्थान हासिल किया है। विशिष्ट जटिलताओं के साथ मल्टीपल पैरावॉल्यूलर लीक को पी डी ए के जरिए बंद किया है वह भी भारत के सबसे कम उम्र (11साल) के मरीज आलिया परवीन, पिता सोहराब अली,जिसकी वजन 16 किलोग्राम था। डॉ सुमन शेखर पधि ने कहा कि काओंजे कोंनजेनाइटल हार्ट डिजीज जिससे पिंकी ग्रसित थी ऐसी स्थिति में उम्र बढ़ने के साथ साथ इस तरह की जटिलताएं आती है यहां समझने वाली बात यह है कि ऐसे में उनका वजन तकरीबन 40 किलोग्राम होना चाहिए था लेकिन उसका मात्रा 16 किलो क्योंकि हार्ट फेलियर की वजह से उसका वजन भी नहीं बढ़ रहा था औरउसकी सेहत खराब होती चली गई ऐसी बड़ी सर्जरी का इतनी नाजुक उम्र में बिल्कुल भी विकल्प नहीं होता इसलिए ब्लॉकेज ठीक करने के उद्देश्य से दो पीडीए डिवाइसेज इंसल्ट किए गए यह पूरी प्रक्रिया चुनौती से बढ़कर थी। वरिष्ठ कंसलटेंट कार्डियोलॉजी एडल्ट एम एम आई नारायणा मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टर सुमंत शेखर पधी ने कहा कि हमारी हमारी पूरी टीम के सदस्य डॉक्टर आलोक स्वेन , डॉ अंशिका, डॉ किंजल वाह लैब स्टाफ ने सहयोग से सफल हुई है। हम मरीज की स्थिति लगातार सुधार हो रही है यह ऑपरेशन एक सफल रहा भारत में ऐसा पहली बार हुआ है।

एनएच एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल के डायरेक्टर विनीत सैनी ने कहा यह हमारे लिए गर्व की बात है इतनी बड़ी उपलब्धि हमारे डॉक्टर सुमन शेखर पधी और पूरी टीम को धन्यवाद करता हूं।
वहीं दिल की मरीज बच्ची के पिता सोहराब अली ने कहा ..आज से दो साल तक मेरी बेटी आलिया परवीन जिसकी उम्र 11 वर्ष है ,की तबीयत काफी बिगड़ी हुई थी, भूख नहीं लगती थी उसे और ,लगातार उसकी वजन कम होती गई और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी तो अंबिकापुर में ईलाज करवाना , वहां पता चला कि दिल में छेद है ,फिर उसे NHMMI हॉस्पिटल की 2017 में लेकर आया । यहां उस समय एक ऑपरेशन हुआ जिसमें ठीक नहीं हुआ ,और ईलाज चलती रही और 4 दिसंबर 2019 को एक ऑपरेशन हुई और ठीक हुआ 4 दिसंबर से आज तक एक महीना हो गया। आज बच्ची की वजन 1 किलो बढ़ गई है और सेहत काफी सुधरी भी है।