रायपुर में VIP सुरक्षा होगी और मजबूत, 70 जवानों ने पूरा किया विशेष प्रशिक्षण

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रायपुर। राजधानी में वीआईपी और वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए रायपुर पुलिस ने विशेष पहल की है। पुलिस लाइन स्थित पुलिस ट्रांजिट मेस में 9 से 12 अक्टूबर तक आयोजित चार दिवसीय पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) प्रशिक्षण कार्यशाला में 70 जवानों ने निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को सुरक्षा संबंधी व्यावहारिक अभ्यास के साथ वीआईपी की सुरक्षा में आने वाली विभिन्न चुनौतियों से निपटने की जानकारी दी गई।

कार्यशाला का समापन पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले, पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, सहायक पुलिस आयुक्त निलेश कुमार द्विवेदी और रक्षित निरीक्षक अनीश सारथी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सुरक्षा में छोटी चूक भी पड़ सकती है भारी

समापन समारोह में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी होने के कारण रायपुर में वीआईपी, वीवीआईपी, केंद्रीय मंत्रियों और दूसरे राज्यों से आने वाले विशिष्ट अतिथियों का लगातार आगमन होता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की अहम जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रशिक्षित और दक्ष निजी सुरक्षा अधिकारियों की आवश्यकता को देखते हुए कार्यशाला आयोजित की गई।

उन्होंने कहा कि वीआईपी सुरक्षा के लिए शारीरिक दक्षता के साथ मानसिक सजगता, अनुशासन, सतर्कता और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता जरूरी है। सुरक्षा ड्यूटी में छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। उन्होंने जवानों को प्रशिक्षण में सीखे गए कौशल का नियमित अभ्यास करने और प्रत्येक परिस्थिति में पूरी जिम्मेदारी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।

86 जवानों ने लिया था प्रशिक्षण में हिस्सा

कार्यशाला के लिए 86 महिला और पुरुष जवानों को नामांकित किया गया था। इनमें से नौ प्रशिक्षु शारीरिक दक्षता के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर सके। इसके बाद 77 जवानों ने प्रशिक्षण पूरा कर फायरिंग अभ्यास और निर्धारित परीक्षा में हिस्सा लिया। मस्केट्री मैनुअल के अनुसार न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य था। इस चरण में सात प्रशिक्षु सफल नहीं हो सके। इस तरह कुल 70 जवानों ने सभी निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया।

सुरक्षा की बारीकियों से कराया गया अवगत

प्रशिक्षण के दौरान जवानों को इनडोर और आउटडोर सत्रों के माध्यम से पीएसओ की भूमिका, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई। इसमें प्वाइंट शूटिंग, ड्राई प्रैक्टिस, वन-मैन और टू-मैन पीएसओ की कार्यप्रणाली तथा स्क्वाड ड्रिल का अभ्यास शामिल रहा।

इसके अलावा वीआईपी के निवास और कार्यालय की सुरक्षा, एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (ASL), एंटी-सबोटाज चेकिंग, प्रवेश नियंत्रण, मंच और सभा स्थल की सुरक्षा, रोड शो तथा कारकेड व्यवस्था जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। वीआईपी के आसपास संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षा कर्मियों की भूमिका और सुरक्षित निकासी के तरीकों पर भी व्यावहारिक जानकारी दी गई।

अनुभवी प्रशिक्षकों ने दिए सुरक्षा के गुर

कार्यशाला का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त लाइन निलेश द्विवेदी के पर्यवेक्षण में हुआ। रक्षित निरीक्षक अनीश सारथी, प्रशिक्षु सूबेदार संतलाल यादव, सहायक उप निरीक्षक नीलकमल त्रिपाठी तथा वीआईपी सुरक्षा वाहिनी माना के अनुभवी प्रशिक्षकों ने जवानों को प्रशिक्षण दिया। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले और पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी।

दो जवानों को मिला सम्मान

प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट अनुशासन के लिए पुरुष वर्ग में आरक्षक पलाश उपाध्याय और महिला वर्ग में महिला आरक्षक संतोषी टंडन को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित प्रशिक्षणार्थी के रूप में चयनित कर सम्मानित किया गया। पुलिस का उद्देश्य इस प्रशिक्षण के माध्यम से वीआईपी सुरक्षा में तैनात होने वाले जवानों की कार्यक्षमता, अनुशासन और त्वरित प्रतिक्रिया कौशल को बेहतर बनाना है, ताकि वे भविष्य में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का अधिक दक्षता और सतर्कता के साथ निर्वहन कर सकें।

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