रायपुर : 15सितंबर 2026। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों से सावधान करने के लिए जन-जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। साइबर जागृति अभियान सप्ताह-05 के तहत नॉर्थ जोन में सोमवार को एक ही दिन में 31 अलग-अलग स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।अभियान के दौरान थाना उरला, गुढ़ियारी, खमतराई और पंडरी क्षेत्र में पुलिस टीमों ने आम लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए। लोगों को विशेष रूप से फर्जी जॉब ऑफर, ऑनलाइन नौकरी के नाम पर ठगी, फर्जी भर्ती एजेंसियों, रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के नाम पर पैसों की मांग तथा फिशिंग लिंक से होने वाली ठगी के प्रति सतर्क किया गया।

गुढ़ियारी में 16 स्थानों पर पहुंची पुलिस :-
थाना गुढ़ियारी क्षेत्र में सबसे व्यापक अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों ने 16 स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी। पहाड़ी चौक, सीएसईबी मैदान, आदर्श नगर, अंबेडकर नगर, खालबाड़ा, जगन्नाथ चौक, गोगांव, बाजार चौक अशोक नगर, बाजार चौक गोगांव, विकास नगर, बड़ा अशोक नगर और एकता नगर समेत विभिन्न इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम हुए।
खमतराई में 13 जगह जागरूकता :-
थाना खमतराई क्षेत्र में भी पुलिस ने 13 स्थानों पर अभियान चलाया। रिंग रोड क्षेत्र, गोवर्धन नगर, खमतराई बाजार, थाना परिसर, भनपुरी बाजार, गणेश पंडाल, भनपुरी और खमतराई थाना के सामने समेत कई स्थानों पर लोगों को ऑनलाइन ठगी के तरीकों और बचाव के उपाय बताए गए।पंडरी में भी दो स्थानों पर कार्यक्रमथाना पंडरी क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां आम नागरिकों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए संदिग्ध कॉल, लिंक और ऑनलाइन प्रलोभनों से बचने की समझाइश दी गई।

कंपनी के 60-70 कर्मचारियों को भी किया जागरूक :-
थाना उरला क्षेत्र स्थित होल्डवेल कंपोनेंट्स कंपनी में भी पुलिस ने विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें करीब 60 से 70 कर्मचारियों को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए। कर्मचारियों को नौकरी के नाम पर आने वाले फर्जी ऑफर, भर्ती एजेंसियों की धोखाधड़ी और संदिग्ध लिंक से विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग डिटेल, ओटीपी, पासवर्ड अथवा निजी जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या ऑनलाइन प्रलोभन में आने से भी बचें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 या 112 पर सूचना देने की अपील की गई है।