रायगढ़, 7 अगस्त। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में 35 वर्षीय महिला और उसकी 10 माह की मासूम बेटी की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 21 दिन में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने महिला से जबरन दुष्कर्म किया और विरोध करने पर ईंट से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इसके बाद रो रही 10 माह की मासूम बच्ची का गला घोंटकर उसकी भी हत्या कर दी।पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को ग्राम छापरपानी में खेत स्थित एक बोर मकान में महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थी, जबकि उसकी 10 माह की बेटी मृत पाई गई थी। इलाज के दौरान महिला ने भी दम तोड़ दिया। घटना के बाद लैलूंगा थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।घटनास्थल सुनसान होने, कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिलने और मृतका का किसी से विवाद न होने के कारण जांच चुनौतीपूर्ण थी।

पुलिस ने गांव में लगातार कैंप लगाकर ग्रामीणों से पूछताछ की, मुखबिरों को सक्रिय किया और वैज्ञानिक व मनोवैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई।जांच के दौरान ग्राम कोड़ासिया निवासी भिखारीराम नागवंशी (65) पर संदेह गहराया। उसके हाथ में चोट के निशान मिलने और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ की गई।
शुरुआत में आरोपी ने अपराध से इनकार किया, लेकिन सख्त वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक पूछताछ में वह टूट गया और पूरा अपराध स्वीकार कर लिया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 15 जुलाई की रात वह महिला के पास पहुंचा और जबरन दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने ईंट से महिला के सिर और चेहरे पर कई वार किए। महिला के बेहोश होने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान रो रही 10 माह की बच्ची की पहचान उजागर होने के डर से गला दबाकर और ईंट से हमला कर हत्या कर दी।
वारदात के बाद आरोपी खून से सनी धोती बदलकर छिपा दी थी, जिसे पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बरामद कर लिया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के साथ दुष्कर्म की संबंधित धाराएं भी जोड़ते हुए गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।इस मामले के खुलासे में लैलूंगा थाना पुलिस, एफएसएल, डॉग स्क्वॉड तथा जांच टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि 21 दिन में डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाना टीमवर्क, सतत निगरानी और वैज्ञानिक विवेचना का परिणाम है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
