रायपुर: जोगी की जाति मामले में आदिम जाति विभाग की जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने प्रेस कॉंफ्रेंस करते हुए पत्रकारों को कहा कि जांच कमेटी की ओर से मुझे विधिवत रूप से आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुआ है. भूपेश हाईपावर जांच कमेटी ने फैसला दिया है कि मैं आदिवासी नहीं हूं. ये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कमेटी थी. उनके इच्छानुसार आदेश पर साइन किया गया है. कलेक्टर रहते कोई सवाल नहीं उठाया गया. 9 अगस्त को आदिवासी दिवस के दिन सीएम भूपेश ने कहा था कि एक महीने के अंदर जोगी जाति का फैसला कर दिया जाएगा. मोहन मरकाम ने भी कह दिया था कि अजीत जोगी आदिवासी नहीं है. इसकी घोषणा पहले हो चुकी है. अब भूपेश हाईपावर जांच कमेटी ने जारी किया है. बता दें कि आदिम जाति विभाग की हाईपावर जांच कमेटी ने रिपोर्ट जारी किया है जिसमें अजीत जोगी को ‘आदिवासी’ नहीं माना गया है।रमन ने तीन बार खाया मुक्की, अब भूपेश की बारी, पू सीएम अजीत जोगी ने कहा कि पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के शासनकाल में न्यायालय से दो बार फैसला हुआ, दोनों बार उन्हें मुक्की खाने पड़ी, अब भूपेश की बारी है उनके फैसले को भी फिर से चुनौती देना पड़ेगा. 6 बार न्यायालय में लगाई जा चुकी है याचिकाउन्होंने कहा कि शासकीय सेवा में कलेक्टर रहते कोई सवाल नहीं उठाया गया, अब राजनीति में आने के बाद जाति मामले में सवाल उठाया जा रहा है. पहले भी 1986 में इंदौर हाईकोर्ट में मनोहर दलाल ने जाति मामले में अपील किया था. 1987 में अजीत जोगी के पक्ष में फैसला आया था. एक बार इंदौर हाईकोर्ट, दो बार जबलपुर हाइकोर्ट, दो बार बिलासपुर हाइकोर्ट, एक बार सुप्रीम कोर्ट यानी 6 बार न्यायालय में याचिका लगाई जा चुकी है.