धान बिक्री नहीं होने पर आंदोलन के लिए बाध्य हैं किसान

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रायपुर ::छत्तीसगढ़ राज्य सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर पाने में नाकाम साबित हुआ है। भले ही वह मीडिया व सोशल मीडिया में रिकार्ड धान खरीदी का दम्भ भर रहा हो परन्तु जमीनी हकीकत कुछ और है जो यह दिखा रहा है कि धान बेचने से वंचित किसान अब आंदोलन की रह पकड़ चुके हैं. महासमुंद जिला के बागबाहरा तहसील अंतर्गत तेंदुकोना समिति के किसान धनंजय साहू, हेमंत साहू, मयाराम साहू अनशन पर हैं जिन्होंने 2 फरवरी को ट्रेक्टरों में धान भरकर चक्का जाम कर शासन- प्रशासन को धान खरीदी करने आग्रह किया वहीं महासमुंद जिला के ही पिथौरा तहसील अंतर्गत आठ समिति राजाडेरा, ठेका, सरायपाली, सुखिपाली, मुरहिबाहर, पिथौरा, सरकड़ा, घोंच के किसान पिथौरा में दूसरे दिन भी ट्रेक्टरों में धान भरकर सड़क पर डटे रहे और तहसील कार्यालय के सामने धरना दे रहे हैं।
किसानों के आंदोलन का धरना स्थल पर महासमुंद जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, किसान नेता पारसनाथ साहू, झनक राम आवड़े, लक्ष्मीलाल पटेल, ने सम्बोधित कर समर्थन दिया है और धान खरीदी करने की मांग किया है।
किसान साधराम पटेल,ओमप्रकाश नायक, आनंदराम पटेल, मदन साहू, रामशंकर पटेल, कविदास बरिहा आदि ने कहा कि ज़ब तक वंचित किसानों का धान खरीदी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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